Basic Shiksha News | UP Basic Shiksha Parishad

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Latest news of Basic Shiksha samayojan

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जिले के अंदर समायोजन 15 जुलाई तक किए जाएंगे। सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने इस बाबत समायोजन की नीति जारी कर दी।

छात्र-शिक्षक अनुपात से अधिक संख्या में कार्यरत शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में समायोजित किया जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है। समायोजन में दिव्यांग और सैन्यकर्मियों की पत्नियों व पतियों को वरीयता दी जाएगी। गांव से शहर और शहर से गांव के स्कूल में समायोजन नहीं होगा।


समायोजन नीति के तहत जिले के अंदर शिक्षकों के समायोजन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। समिति में अपर जिलाधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य की ओर से नामित सदस्य, जिला मुख्यालय पर कार्यरत खंड शिक्षा अधिकारी को सदस्य नियुक्त किया जाएगा। कुमार ने स्पष्ट किया है कि समायोजन में अनियमितता की शिकायत मिलने पर प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

समायोजन से बंद न हो कोई स्कूल


समायोजन नीति के तहत डीएम को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इससे कोई विद्यालय बंद न हो। साथ ही प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में विज्ञान व गणित के अध्यापक उपलब्ध रहें। इसके अतिरिक्त जिन स्कूलों में छात्राओं की संख्या अधिक है, वहां अनिवार्य रूप से एक अध्यापिका नियुक्त की जाएगी।
गलत सूचना दी तो होगी कार्रवाई
अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे समायोजन समिति को स्कूलों में मौजूद विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या बताएं। गलत सूचना देने पर संबंधित बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यह रहेगी समायोजन की प्रक्रिया

  • प्रत्येक स्कूल में जुलाई से पहले स्वीकृत छात्र शिक्षक-अनुपात के आधार पर ही अध्यापक संख्या का पुनरीक्षण किया जाएगा।
  • जिला मजिस्ट्रेट जिले के प्रत्येक विद्यालय की स्वीकृत अध्यापक संख्या की अधिसूचना जारी करेंगे।
  • जिलाधिकारी की अधिसूचना में विद्यालय का नाम, यू डायस कोड सहित दिया जाएगा। 2018-19 की अधिकतम नामांकन संख्या प्रकाशित की जाएगी। आरटीई के तहत स्कूल में  शिक्षकों आवश्यकता और कार्यरत शिक्षकों की संख्या प्रदर्शित की जाएगी। अध्यापकों की कमी या सरप्लस शिक्षकों की संख्या भी प्रदर्शित की जाएगी।
  • प्रत्येक विद्यालय में अध्यापक-छात्र अनुपात के आधार पर पदों का निर्धारण होने के बाद ही सरप्लस अध्यापकों का समायोजन किया जाएगा।
    ये बातें भी होंगी प्रक्रिया का हिस्सा
  • जिन स्कूलों में अध्यापक-छात्र अनुपात से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, वहां से सरप्लस शिक्षकों को हटाकर जिन स्कूलों में शिक्षक कम है वहां तैनात किया जाएगा।
  • जिले के एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में परस्पर समायोजन के आवेदन पर समिति विचार करेगी।
  • जिन स्कूलों से सरप्लस शिक्षकों को हटाया जाएगा, वहां बाद में किसी अन्य शिक्षक को समायोजित नहीं किया जाएगा।
  • समायोजन में दिव्यांग और सेना में कार्यरत जवान की पत्नी या पति को समायोजन में वरीयता की दी जाएगी।
  • स्कूल चलो अभियान से स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर नवीन समायोजन का अधिकार भी जिलाधिकारी की समिति को दिया गया है।

बेसिक शिक्षकों के लिए एक जुलाई से खुलेगा स्कूल, एक दर्जन कामों की जिम्मेदारी

लखनऊ। प्रदेश में सभी परिषदीय स्कूल शिक्षकों के लिए खुल जाएंगे। हालांकि अभी स्कूलों में पठन-पाठन नहीं होगा, लेकिन शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को स्कूल में बैठकर बच्चों की ऑनलाइन क्लास लेने के साथ एक दर्जन से अधिक काम करने होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को जुलाई महीने का एजेंडा जारी कर दिया है।

ब्लॉक स्तर पर सुबह और दोपहर की पाली में पांच-पांच प्रधानाध्यापकों को रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहना है।

एक जुलाई से सभी शिक्षकों से मिड-डे-मील योजना के तहत बच्चों को कुकिंग लागत का भुगतान और अनाज वितरित कराना होगा। मानत्र संपदा पोर्टल पर अपने दस्तावेजों का सत्यापन करना होगा। मिशन प्रेरणा के तहत ई-पाठशाला संचालित कर बच्चों को ऑनलाइन क्लासेज देनी होगी।

ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों का रंगरोगन, मरम्मत और सौंदर्य से जुड़े कार्य कराने होंगे। समर्थ कार्यक्रम के तहत दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनकी शिक्षा और थैरेपी की व्यवस्था करनी होगी।

स्कूलों में निशुल्क पाठ्यपुस्तक, यूनिफार्म वितरण करना होगा। शिक्षकों को यू-डायस पोर्टल पर विद्यालयों में बच्चों के नामांकन, इंफ्रास्ट्क्चर और शिक्षकों से जुड़े आंकड़े भी फीड करने होंगे। शारदा कार्यक्रम के तहत आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिहिनत कर उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाना होगा।

दीक्षा एप के जरिए शिक्षकों को कौशल विकास के लिए तैयार 75 कोर्स का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संविलयन की कार्यवाही को भी पूरा कराना होगा। विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने स्कूल खोलने के बाद सबसे पहले स्कूलों को पूरी तरह सैनिटाइज कराने और साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। ब्यूरो

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